स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के बाद अब उनके डाॅक्टर बेटे की काेराेना रिपाेर्ट भी पाॅजिटिव आई है। इनकी रिपाेर्ट पाॅजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ ही प्रशासन स्तर पर भी घबराहट बढ़ गई है। वजह है- इनका पंचशील नगर में चलने वाला क्लीनिक। क्याेंकि, इस क्लीनिक पर डॉक्टर पिता-पुत्र दोनों प्रैक्टिस करते थे। स्वास्थ्य विभाग के सूत्राें की मानें ताे इस क्लीनिक पर राेज अाैसतन 100 मरीज हैं। दरअसल,स्वास्थ्य विभाग के ये अधिकारी पहले पाॅजिटिव आएआईएएस अधिकारियाें के साथ तमाम मीटिंगाें में शामिल रहे थे। ऐसे में दाे अप्रैल को उनका सैंपल लेकर जांच कराई गई थी। चार अप्रैल काे िरपाेर्ट में काेराेना पाॅजीटिव पाया गया था।
बड़ी चुनौती... ये पता लगाना कि कौन-कौन इनके क्लीनिक में इलाज कराने पहुंचा
बड़ी लापरवाही...
पंचशील के स्थानीय रहवासियाें ने स्वास्थ्य विभाग के अफसराें काे जानकारी दी है कि डॉक्टर पिता और पुत्र ने 2 अप्रैल तक यहां क्लीनिक खुला रखा था। इस दाैरान दाेनाें ने रोजाना करीब 100 मरीजाें काे देखा।
परेशानी यह...
अब प्रशासन के लिए परेशानी यह है कि पंचशील नगर स्थित इस क्लीनिक पर हाल के दिनाें में इलाज कराने पहुंचेलाेगाें काे ट्रेस कर उनकी जांच कैसे करें, क्याेंकि इन लाेगाें के काेराेना संक्रमित हाेने की भी आशंका है।
आगे क्या ...
दो अप्रैल तक क्लीनिक पर पहुंचकर इनके संपर्क में आने वाले लाेगाें की सटीक जानकारी हासिल करने स्वास्थ्य विभाग इनका क्लीनिक खाेलकर रिकाॅर्ड खंगालेगा। ताकि पता लग सके किस-किसने इनसे इलाज कराया था।
पंचशील नगर समेत आसपास की बस्तियों के लोग यहां कराते थे इलाज, सर्वे शुरू
स्वास्थ्य विभाग ने आशा और एएनएम काे पंचशील समेत अासपास के तमाम इलाकाें में सक्रिय कर सर्वे कराना शुरू कर दिया है। इस दाैरान यह पता लगाया जा रहा है कि 20 मार्च से काैन-काैन लाेग इनके क्लीनिक पर इलाज कराने गए और वे किस किस के संपर्क में आए। यहां पंचशील नगर, राहुल नगर, समेत आसपास की बस्तियाें में रहने वाले लाेग यहां इलाज कराने पहुंचते हैं । स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के बाद उनके डाॅक्टर बेटे की रिपाेर्ट पाॅजिटिव आने के बाद उनकी काॅलाेनी में संक्रमण फैलने का खतरा और भी बढ़ गया है। रहवासियाें के बारबार शिकायत करने के बाद भी अब तक उनके सैंपल नहीं लिए गए हैं।
खुद पाेस्टर लगाया, रिपाेर्ट मिली ताे तत्काल हाॅस्पिटल पहुंचे
काेलार स्थित एक काॅलाेनी में रहने वाले डाॅक्टर के पाॅजिटिव आने के बाद शुक्रवार काे उनकी पत्नी और डाॅक्टर बेटा भी पाॅजिटिव अाए हैं। डाॅक्टर बेटे ने बताया कि पापा की रिपाेर्ट अाने के पहले से ही मुझे फीवर था। ऐसे में हम अलग-अलग रूम में क्वारेंटाइन में रह रहे थे। इसके लिए हमने पोस्टर भी लगा दिया था। जिस दिन पापा की रिपाेर्ट अाई उसी दिन हम लाेगाें के सैंपल हुए थे। मुझे पता था कि मेरी रिपाेर्ट पाॅजिटिव आएगी, पापा मेरी रिपाेर्ट के इंतजार में घर पर रुके थे। मैं 4 अप्रैल से ड्यूटी पर भी नहीं गया था। शुक्रवार काे जैसे ही मेरी अाैर मां की िरपाेर्ट पाॅजिटिव अाई हम लाेग अस्पताल में एडमिट हाे गए।