राजधानी में कोरोना के प्रकोप के बीच शुक्रवार को राहत देने वाली खबर आई है। कोविड-19 डेडिकेटेड चिरायु हॉस्पिटल में भर्ती 27 मरीज लगभग ठीक हो गए हैं, इन्हें मेडिकल वार्ड से क्योर वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। अब दो दिन के अंतराल से दो बार इनका टेस्ट होगा। निगेटिव आने पर इनकी अस्पताल से छुट्टी कर दी जाएगी।
चिरायु अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. अजय गोयनका के मुताबिक राहत की बात यह भी है कि अभी तक किसी भी मरीज को आईसीयू या वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ी है। शुक्रवार को 33 नए मरीज चिरायु में भर्ती कराए गए हैं, इन्हें मिलाकर यहां भर्ती मरीजों की संख्या 128 हो गई है। अब तक 43 मरीजों को आक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ी है। जबकि 58 की हालत स्थिर है।
अच्छी फीलिंग के लिए कराओके के साथ गीत गुनगुना रहे मरीज
कोरोना के संक्रमण से ठीक होने के लिए इलाज के साथ-साथ अच्छी इम्युनिटी और सकारात्मक इच्छा शक्ति होना बहुत जरूरी है। इसलिए हॉस्पिटल में मरीजों को कराओके उपलब्ध कराए गए हैं, खाली समय में मरीज कराओके की धुनों के साथ उत्साह बढ़ाने वाले गीत गुनगुनाकर खुद को खुश रखने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही कैरम, शतरंज, लूडो, प्लेइंग कार्ड जैसे इंडोर गेम्स भी वक्त बिताने में उनकी मदद कर रहे हैं।
एम्स में भर्ती 4 मरीजों की हालत गंभीर, 17 नए संदिग्ध मरीज भर्ती, रिपोर्ट का इंतजार
एम्स में भर्ती 3 कोरोना पॉजिटिव और एक कोरोना संदिग्ध मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है। इन्हें आईसीयू में भेज दिया गया है, जिसमें से तीन आक्सीजन सपोर्ट पर है। जबकि कोरोना वार्ड में पहले से भर्ती 5 मरीजों की हालत स्थिर है।
एम्स के प्रवक्ता डॉ. लक्ष्मी प्रसाद के मुताबिक शुक्रवार की सुबह तबियत खराब होने पर 17 नए कोरोना संदिग्ध मरीज भर्ती किए गए हैं। सभी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि रिपोर्ट आने से पहले ही प्रोटोकॉल के हिसाब से सभी का इलाज शुरू कर दिया गया है।
एक पुलिसकर्मी, स्वास्थ्य विभाग के 5 अफसरों की हालत में कोई सुधार नहीं
कोरोनो पीड़ित भोपाल के एक पुलिसकर्मी और स्वास्थ्य विभाग के पाच वरिष्ठ अधिकारियों की हालत में सुधार नहीं होना डॉक्टरों की चिंता का कारण बना हुआ है। सभी को लगातार 102 से 103 डिग्री बुखार बना हुआ है। सभी को श्वास लेने में तकलीफ के कारण लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा एक जमाती की भी हालत गंभीर है। इसे श्वास लेने के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। यदि हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे आईसीयू में शिफ्ट किया जाएगा। बाकी 16 जमातियों की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है।